A.R. Rahman
Mitwa
[Intro: Udit Narayan]
हर संत कहे, साधू कहे
सच और साहस है जिसके मन में
अंत में जीत उसी की रहे

[Instrumental-break]

[Verse 1: Udit Narayan]
आजा रे, आजा रे, आजा रे, आजा रे
भले कितने लम्बे हों रस्ते, हो
थके ना तेरा ये तन, हो

आजा रे, आजा रे, सुन ले पुकारे डगरिया
रहे ना ये रस्ते तरसते, हो, तू आजा रे
इस धरती का है राजा तू, ये बात जान ले तू
कठिनाई से टकराजा तू, नहीं हार मान ले तू

[Chorus: Udit Narayan]
मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
तू आजा रे

[Instrumental-break]
[Verse 2: Alka Yagnik & Udit Narayan]
सुन लो रे मितवा
जो है तुमरे मन में, वो ही हमरे मन में
जो सपना है तुमरा, सपना वो ही हमरा है जीवन में
हाँ, चले हम लिए आसा के दीए नैनन में
दीए हमरी आसाओं के कभी बुझ ना पाएँ
कभी आँधियाँ जो आके इनको बुझाएँ

[Chorus: Udit Narayan]
ओ मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
तू आजा रे

[Instrumental-break]

[Bridge: Alka Yagnik]
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना-ना
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना-ना, आजा रे
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना-ना
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना
ताना, ताना ना-ना, ताना ना-ना-ना-ना, आजा रे

[Verse 3: Udit Narayan & Alka Yagnik]
सुन लो, रे, मितवा
पुरवा भी गाएगी, मस्ती भी छाएगी
मिलके पुकारो तो
फूलोंवाली जो रुत है आएगी
हाँ, सुख भरे दिन दुख के बिन लाएगी
हम-तुम सजाएँ आओ रंगों के मेले
रहते हो बोलो काहे तुम यूँ अकेले?
[Chorus: Udit Narayan & Srinivas]
मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
तू आजा रे

[Pre-Chorus: Udit Narayan]
हर संत कहे, साधू कहे
सच और साहस है जिसके मन में
अंत में जीत उसी की रहे

[Chorus]
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे

ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे
ओ, मितवा, सुन मितवा, तुझको क्या डर है, रे?
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है, रे

[Outro]
तू आजा रे, तू आजा रे, तू आजा रे
तू आजा रे