A.R. Rahman
Kehna Hi Kya
[Hook]
गुमसुम गुमसुम गुपचुप
गुमसुम गुप चुप
गुमसुम गुमसुम गुपचुप
गुमसुम गुप चुप

[Bridge]
हलचल-हलचल हो गई तेरी, होंठ हैं तेरे चुप
खलबल-खलबल हो गई तेरी, बैठें हैं गुपचुप
प्यारे-प्यारे चेहरे ने करते ही इशारा
देखा तेरी आँखों ने है सपना कोई प्यारा
हमसे गोरी ना तू शरमा, कह दे हमसे ज़रा
हमसे गोरी ना तू शरमा, कह दे हमसे ज़रा

[Chorus]
कहना ही क्या ये नैन एक अंजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नए ऐसे दिल में खिले, जीन को कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले, कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें, कैसे उन्हे मैं पुकारूँ

[Chorus]
कहना ही क्या ये नैन एक अंजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नए ऐसे दिल में खिले, जीन को कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले, कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें, कैसे उन्हे मैं पुकारूँ
[Interlude]
ग म प म प आ आ आ
ग म प ध नी सा नी प सा नी प ध प ग सा नी प ध प ग म रे
सा नी प ध नी सा सा नी नी सा नी नी सा नी नी सा नी नी सा
नी नी सा प म ग प ध प नी ध प आ आ आआ

[Verse 1]
पहली ही नज़र में कुछ हम, कुछ तुम हो जाते हैं यूँ गुम
नैनों से बरसे रिमझिम-रिमझिम हम पे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी-थोड़ी हमको आए तो नज़रें झुक जाए
सितम थोडा-थोडा हम पे शोख हवा भी कर जाए
ऐसी चले, आँचल उड़े दिल में एक तूफ़ान उठे
हम तो लूट गये खड़े ही खड़े

[Chorus]
कहना ही क्या ये नैन एक अंजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नए ऐसे दिल में खिले, जीन को कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले, कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें, कैसे उन्हे मैं पुकारूँ

[Hook]
गुमसुम गुमसुम गुपचुप
गुमसुम गुप चुप
गुमसुम गुमसुम गुपचुप
गुमसुम गुप चुप
[Bridge]
हलचल-हलचल हो गई तेरी, होंठ हैं तेरे चुप
खलबल-खलबल हो गई तेरी, बैठें हैं गुपचुप
प्यारे-प्यारे चेहरे ने करते ही इशारा
देखा तेरी आँखों ने है सपना कोई प्यारा
हमसे गोरी ना तू शरमा, कह दे हमसे ज़रा
हमसे गोरी ना तू शरमा, कह दे हमसे ज़रा

[Verse 2]
इन होठों ने माँगा सरगम, सरगम तू और तेरा ही प्यार है
आँखें ढूँढे है जिसको हरदम, हरदम तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तन्हा है दिल ऐसे, दिल ऐसे
तुझको खो ना दे डरता है ये ऐसे, ये ऐसे
आज मिली ऐसी खुशी, झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया, तो पाई ज़िंदगी

[Chorus]
कहना ही क्या ये नैन एक अंजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नए ऐसे दिल में खिले, जीन को कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले, कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें, कैसे उन्हे मैं पुकारूँ

[Chorus]
कहना ही क्या ये नैन एक अंजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
कहना ही क्या