Vishal Dadlani
Dastaan - E - Om Shanti Om
[Intro]
सुनने वालों सुनो ऐसा भी होता है
दिल देता है जो वो जान भी खोता है
प्यार ऐसा जो करता है
क्या मर के भी मरता है
आओ तुम भी आज सुन लो

[Pre-Chorus]
दास्तान है ये
के इक था नौजवान, जो दिल ही दिल में
एक हसीना का था दीवाना
वो हसीना भी के जिसकी खूबसूरती
का दुनिया भर में था मशहूर अफसाना

[Chorus]
दोंनों की ये कहानी है जिसको सभी
कहते हैं, ओम शांति ओम

[Intrumental-Break]

[Refrain]
नौजवान की थी आरज़ू
उसकी थी ये ही जुस्तजू
उस हसीना में उसको मिले
इश्क के सारे रंगो बू
नौजवान की थी आरज़ू
उसकी थी ये ही जुस्तजू
उस हसीना में उसको मिले
इश्क के सारे रंगो बू

[Verse 1]
उसने न जाना ये नादानी है
वो रेत को समझा के पानी है
क्यूं ऐसा था किस लिए था?
ये कहानी है

[Pre-Chorus]
दास्तान है ये के हम दिलकाश हसीना के
निगाहों, दिल में कोई दूसरा ही था
बेखबर इस बात से हमें नौजवान के ख़्वाबों का
अंजाम तो होना बुरा ही था

[Chorus]
टूटे ख्वाबों की उस दास्तान को सभी
कहते हैं, ओम शांति ओम

[Intrumental-Break]

[Verse 2]
सुनते हैं सुनो ऐसा भी होता है
कोई जीतना हंसे, उतना ही रोता है
दीवानी होके हसीना
खाई क्या धोखे हसीना
आओ तुम भी आज सुन लो
[Pre-Chorus]
दास्तान है ये के उस मासूम हसीना ने
जिसे चाहा वो था अंदर से हरजाई
संग दिल से दिल लगा के
बेवफा के हाथ आके
उसने एक दिन मौत ही पाई

[Chorus]
एक सितम का फसाना है जिसको सभी
कहते हैं, ओम शांति ओम

[Verse 3]
क्यों कोई क़ातिल समझौता नहीं
ये जुर्म वो है जो छुपता नहीं
ये दाग वो है जो मिटता नहीं
रहता है खूनी के हाथ पर
खून उस हसीना का जब था हुआ
कोई वहा था पहुंच तो गया
लेकिन उसे वो बचा न सका का
रोया था प्यार उसकी बात पर

[Pre-Chorus]
दास्तान है ये के
जो पहचानता है खूनी को
वो नौजवान है लौट के आया
कह रही है जिंदगी कातिल समझ ले
उसके सर पे छा चुका है मौत का साया
[Chorus]
जनमों की, कर्मों की है कहानी जिसे
कहते हैं, ओम शांति ओम
कहते हैं, ओम शांति ओम
कहते हैं, ओम शांति ओम